Previous
ZARCIAN STONE -5,6,7,8,grm

ZIRCAN STONE (AMERICAN DIAMOND )-जरकन रत्न

960.00
Next

NATURAL RUBY STONE -माणिक्य रत्न-4.85 CARAT

6,789.00
NATURAL RUBY STONE -4.85 CARAT

SUNELA RATAN (सुनेला रत्न )

1,400.00

सुनेहला किस दिन और किस अंगूली में धारण करें

कहते है कि रत्न स्वयं सिद्ध प्रकृति का अनमोल उपहार हैं। इस धरती पर जो भी मनुष्य जन्म लेता हैं, उसके जीवन में कोई न कोई समस्या जरुर आती हैं, उन समस्याओं के समाधान के लिए ही रत्नों का आविष्कार हुआ हैं। ज्योतिष विद्या के अनुसार, रत्न धारण करने से मनुष्य के जीवन में आ रही समस्याओं का समाधान उसे शीघ्र ही मिल जाता हैं।

सुनेहला रत्न शुक्ल पक्ष में गुरूवार के दिन सुबह दाहिने हाथ की तर्जनी अंगूली में धारण करना सबसे उत्तम माना गया है। इसके अलावा यह रत्न गुरु की महादशा या अन्तर्दशा में भी धारण किया जाता है।

Trust Badge Image

Description

GEMSTONE-SUNELA RATAN

COLOUR – YELLOW

WEIGHT -5.15 CARAT

SHAP – ROUND

RETURN POLICE – 10 DAYS MONEY – BACK  RETURN

पुखराज का उपरत्‍न सुनेला, पीले-भूरे रंग का होता है। इस रत्‍न की चमक उगते सूरज के समान होती है। वैदिक ज्‍योतिष के अनुसार सुनेला रत्‍न गुरु ग्रह से संबंधित होता है। इसे पहनने से गुरु से संबंधित दोष दूर होते हैं, मान-सम्‍मान की प्राप्‍ति होती है, निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है और सामाजि‍क कार्यों में रूचि बढ़ती है।

सुनहला रत्‍न के लाभ

  • जिन लड़कियों का विवाह नहीं हो पा रहा है या जिनका वैवाहिक जीवन अच्‍छा नहीं चल पा रहा है, उन्‍हें सुनहला रत्‍न पहनने से फायदा होता है।
  • पैसों से जुड़ी परेशानियों को दूर करने और संपन्‍नता को बढ़ाने के में भी पीले सुनहला रत्‍न की अंगूठी मदद करती है।
  • सुखी दांपत्‍य जीवन के लिए गुरु के रत्‍न सुनहला को धारण कर सकते हैं।
  • अगर आपको निर्णय लेने में परेशानी होती है तो सुनहला रत्‍न आपकी इस मुश्किल को हल कर सकता है। सुनहला पहनने से निर्णय लेने की क्षमता में सुधार आता है।
  • बौद्धिक क्षमता एवं बुद्धि को बढ़ाने के लिए भी इस रत्‍न को धारण किया जाता है।

संतान की इच्‍छाओं को पूरा करने के इच्‍छुक माता-पिता सुनहला रत्‍न की अंगूठी पहन सकते हैं।

किन राशियों को पहनना होगा शुभ

  • गुरु की राशि धनु और मीन राशि के जातकों को सुनहला रत्न पहनना शुभ होगा।
  • ज्योतिषों के अनुसार मेष, कर्क, वृश्चिक, धनु राशि के जातक भी सुनहला रत्न धारण कर सकते हैं। इस रत्न को धारण करने से इस राशि के जातकों को धन लाभ, मान-सम्मान और संतान की प्राप्ति होगी।

जिन जातक की कुंडली में गुरुदेव बृहस्पति अकारक हो उन्हें बिना ज्योतिष के सलाह के इस रत्न को धारण नहीं करना चााहिए। इससे हानि का सामना करना पड़ सकता है।

सुनहला रत्न धारण करने की विधि

।बृहस्पति से संबंधित सुनहला रत्न को गुरुवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है।

  •  गुरुवार को प्रातः जल्दी उठकर स्नानादि करने के पश्चात पूजास्थल पर बृहस्पतिदेव का ध्यान करें।
  •  तांबे के पात्र या कटोरी में गाय का कच्चा दूध, शहद, घी, गंगाजल और तुलसी की पत्तियां लेकर इसमें सुनहला रत्न को डाल दें।
  • अब ऊं ग्रां ग्रीं ग्रूं गुरुवे नम:’ इस मंत्र का कम से कम एक माला जप करें।
  • अब सुनहला रत्न को निकालकर गंगाजल से साफ कर लें और बृहस्पतिदेव का ध्यान करते हुए धारण करें।

3 of 4

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “SUNELA RATAN (सुनेला रत्न )”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping cart

0
image/svg+xml

No products in the cart.

Continue Shopping